पृथ्वी की परिधि के परिणाम आये Earth Experiment Results


पृथ्वी की परिधि के परिणाम  Earth Experiment Results 

सी.वी, रमन विज्ञानं क्लब एवं इमली इको क्लब के सहयोग से जिले के चार शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने गत २२ दिसम्बर को पृथ्वी की परिधि नापने के प्रयोग किये थे. 
इन प्रयोगों से प्राप्त आंकड़ों को फ्रांस की संस्था के पास भेजा गया था .
इस संस्था के पदाधिकारियों ने दुनिया भर के स्कूलों से प्राप्त आंकडो के दो दो के युग्म बना कर २२०० वर्ष पुरानी रोमन पद्धति से पृथ्वी की परिधि ज्ञात की और मानकों से तुलनात्मक अध्ययन करके प्रत्येक युग्म स्कूल की आंकड़ों की प्रमाणिकता की जांच की.
यमुनानगर जिले के अलाहर गावं के सरकारी स्कूल के ग्रुप नम्बर एक का युग्म फ्रांस के लाफ्रंचैसे के अन्तोनियन प्रेसबोस कूलिज स्कूल के विद्यार्थियों के साथ बनाया गया.
ग्रुप नम्बर एक के लीडर जोनी और मार्गदर्शक विज्ञानं अध्यापक  दर्शन लाल ने बताया कि उनका सूर्य उन्ताश कोण ५३.३ डिग्री और पेयर स्कूल का उन्ताश ६७.४ डिग्री आया .
दोंनो स्थानों की अक्षांशीय दूरी १५६७ किलोमीटर आंकी गयी. 
इन जानकारियों का प्रयोग सूत्रों में करके पृथ्वी की परिधि ४०००९ किलोमीटर आयी जबकि पृथ्वी की स्टैंडर्ड परिधि ४००७५ किलोमीटर है अर्थार्त कुल ६६ किलोमीटर का अंतर आया. 
इसका त्रुटि प्रतिशत ०.१६ % रहा जो कि इतनी बड़ी गणना के लिए लगभग नगण्य माना गया. 
इस शुद्ध गणना के लिए इस ग्रुप के सभी सदस्यों को ए प्लस प्रमाण पात्र दिया गया. 
बाकी सभी ग्रुप्स की गणना भी १% से कम त्रुटिपूर्ण रही उन को ए ग्रेड प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ.
इस प्रयोग के लिए किसी भी प्रकार का कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिला था क्लब और स्कूल के ससाधनो का प्रयोग करके यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रयोग करके ६० छात्र ८ अध्यापक ४ शिक्षण संस्थान लाभान्वित हुए. 

क्लब संयोजक दर्शन लाल ने बताया कि क्लब द्वारा इस प्रकार के कईं प्रयोग समय समय पर किये जाते है.
 जिससे विद्यार्थियों खास कर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रूचि जागृत करने के भरपूर प्रयास किये जाते हैं.
 दर्शन लाल ने अपने प्रयासों से १८ वर्ष के सेवाकाल में ग्रामीण क्षेत्र के बहुत से विद्यार्थियों को बेहतर करियर के लिए विज्ञान शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जिस कारण कितने ही उनके विद्यार्थी आज बी.टेक.,बी.एस.सी.,एम.एस.सी.,एम.टेक.,करके प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवारत है और इन सभी ने कभी न कभी विज्ञान प्रतियोगिता में जरूर भाग लिया था.  
दर्शन लाल बवेजा(विज्ञान अध्यापक) 
अमर उजाला अखबार में 
    
अगर आपको 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

6 प्रतिक्रियाएँ:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

दस दिनों तक नेट से बाहर रहा! केवल साइबर कैफे में जाकर मेल चेक किये और एक-दो पुरानी रचनाओं को पोस्ट कर दिया। लेकिन आज से मैं पूरी तरह से अपने काम पर लौट आया हूँ!
नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर होगी!

आशीष श्रीवास्तव said...

बधाई जी! केवल 0.16 % त्रुटि अच्छी है!

veerubhai said...

इस आलमी स्तर पर मान्य और सराहनीय काम के लिए बधाई पूरे ग्रुप को होनहार मास्साहब जी को .सरजी! बधाई !बधाई !बधाई !बधाई!

Rajesh Kumari said...

vigyaan ke kshetra me is sarahniye kaarya ki jaankari dene ke liye shukriya.bahut pasand aaya yeh blog follow kar liya hai.

ana said...

badhai ho.....ap sab prashansa ke patra hai

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

कुशल निर्देशन में सफल गणना। सभी प्रतिभागियों को बधाई। साथ ही आयोजकों को भी हार्दिक शुभकामनाएं।

Post a Comment

 
अस्वीकरण: यहाँ प्रकाशित सभी लेख उनके लेखकों के व्यक्तिगत मत हैं। मात्र वैज्ञानिक सोच/चेतना प्रसार के किए इसका संचालन किया जा रहा है। सभी विवादों का न्याय क्षेत्र लखनऊ रहेगा।