ये फूड प्‍वाइजनिंग भला कौन सी बला है ?

 
Q: Every time I hear about a deadly Listeria outbreak, I wonder: How do I tell the difference between harmless food poisoning and the life-threatening kind?

बेशक फ़ूड पोइजनिंग का हलका हमला भी उलटी दस्त ज्वर और दर्द का वायस बन निचोड़ डालता है. लेकिन इसके लक्षण अमूमन दो एक दिन में स्वत: ही चले जाते हैं लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो?

खासकर मारक रोग कारक मसलन ई कोलीबेक्तीरियम की कुछ ख़ास स्ट्रेंन से पैदा विषाक्तता जो एक विष "Shiga toxin" पैदा कर देती है एक दम से शरीर में पानी की कमी पैदा कर देती है. सीवियर डीहांईडरेशन (गंभीर निर्जलीकरण) के अलावा गुर्दे भी इस स्थिति में ज़वाब दे सकतें हैं.

यहाँ देखने, विचारने की बात यह है कि ज्वर के 101 फारेन्हाईट या और भी ऊपर चले जाने गला सूखने बेहद की प्यास लगने पर, संतुलन खोने लडखडाने गफलत या अतिरिक्त सुखानुभूति होने पर, बिला वजह युफोरिक या डिजी महसूस होने पर अतिसार की स्थिति का तीन दिन से ज्यादा दौर कायम रहने पर इस स्थिति में अविलम्ब अस्पताल की शरण लेनी चाहिए. कई मर्तबा केफीन एल्कोहल और बेहद की थकान होने पर भी ऐसी ही लाईटहेदिद नेस आ दबोचती है.

लेकिन यदि स्टूल के साथ खून आता है या फिर your heart throb to beat or throb heavily ,your heart is pounding or you have skipping heart it is an emergency,rush to the emergency room.

आपात कालीन सेवा बिना वक्त खोये आपको मिलनी चाहिए.
विषाक्त मशरूम्स से बचिए, शादी ब्याह में फ्रूट क्रीम भी कई मर्तबा जानलेवा सिद्ध होती है ड्रेस्ड चिकिन भी (डीप फ्रोज़िन), बेड शेल फिश, डब्बा बंद संदूषित खाद्य कई मर्तबा बेहद की विषाक्तता की वजह बनता है. बचाव में ही बचाव है. फ़ूड लेवल्स बांचिए. गुड बिफोर वाट? सावधानी खान पान के चयन में भी ज़रूरी है. खुदा हाफ़िज़!

9 प्रतिक्रियाएँ:

DR. ANWER JAMAL said...

Nice information .

पूर्वजों के इतिहास के बारे में जानकारी देती हुई इस पोस्ट का चर्चा है आज
ब्लॉग की ख़बरें पर
देखिए
पूर्वजों की शक्ति का रहस्य ?

इसी पोस्ट को आप ऑल इंडिया ब्लॉगर्स ऐसोसिएशन और भारतीय ब्लॉग समाचार पर भी देख सकते हैं।

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') said...

ध्‍यान देने की जरूरत है...

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माँ, अब हम बड़े हो गये..
ये है लफ्जों के जजीरे की शहजादी का ब्‍लॉग..

Urmi said...

बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण पोस्ट है ! सभी को अपने सेहत का ध्यान रखना चाहिए और ये बहुत ही आवश्यक है !

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बड़ी अच्छी जानकारी ....

amrendra "amar" said...

bahut hi gyanwerdhak wa upyogi jankari

घनश्याम मौर्य said...

बहुत बढिया। हम लोग अक्‍सर बोलचाल में 'फूड प्‍वाइजनिंग' शब्‍द का इस्‍तेमाल तो करते हैं, पर यह है क्‍या बला इसके बारे में ज्‍यादातर लोगों को पता नहीं होगा। इसकी वैज्ञानिक तौर पर व्‍याख्‍या करने के लिए धन्‍यवाद।

रेखा said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने ....

मनोज बिजनौरी said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी हर किसी के लिए .

मनोज बिजनौरी said...
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