2200 वर्ष पुरानी पद्धति से नापी पृथ्वी की परिधि Earth Experiment
![]() |
| कपिल की टीम |
सीवी रमण क्लब के सदस्यों ने वीरवार को शहर के चार शिक्षण संस्थानों में पृथ्वी की परिधि नापकर डाटा एकत्रित किया। इस डाटा को फ्रांस की संस्था को भेजा गया है, जहां पर सभी देशों के डाटा का मिलान किया जाएगा। क्लब के प्रभारी अलाहर स्कूल के विज्ञान अध्यापक दर्शन लाल ने बताया कि यह प्रयोग शहर के चार शिक्षण संस्थानों में किया गया, जिसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलाहर, चौधरी देवीलाल कालेज आफ एजुकेशन, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल हुडा और सेक्टर-18 के बच्चे शामिल हैं। इन स्थानों पर विद्यार्थियों ने 11 से 1 बजे तक प्रेक्षण लिए। इस प्रयोग में 10 ग्रुपों के 60 विद्यार्थियों ने डाटा एकत्रित किया।
![]() |
| अमित अरोड़ा की टीम |
Sr. no. | Group no. | Name of school /college | Gnomon Shadow Latitude Longitude | No. of students/Group leader /Guide teacher |
1 | 1 | Govt. Sr. Sec. School Alahar (yamunanagar) | Gnomon=50cm Shadow=67cm Latitude = 30°02’ N Longitude= 77°12’ E | 6/Jatin/Darshan Baweja |
2 | Govt. Sr. Sec. School Alahar (yamunanagar) | Gnomon=61cm Shadow=85cm Latitude = 30°02’ N Longitude= 77°12’ E | 6/jony/Sanjay Sharma | |
3 | Govt. Sr. Sec. School Alahar (yamunanagar) | Gnomon=49cm Shadow=68cm Latitude = 30°02’ N Longitude= 77°12’ E | 6/Kapil/Mukesh Rohil | |
4 | Govt. Sr. Sec. School Alahar (yamunanagar) | Gnomon=50.5cm Shadow=70cm Latitude = 30°02’ N Longitude= 77°12’ E | 6/Shivam/Manohar Lal | |
5 | Govt. Sr. Sec. School Alahar (yamunanagar) | Gnomon=49cm Shadow=67cm Latitude = 30°02’ N Longitude= 77°12’ E | 6/Vishu/R.N.Bansal | |
2 | 6 | Choudhary Devi Lal College of Education Bhagwangarh(yamunanagar) | Gnomon=12.4cm Shadow=17.6cm Latitude = 30°09’ N Longitude= 77°20’ E | 6/Amit Arora/Dr.Dharamveer Singh |
3 | 7 | S.V.N.Public School Jagadhri (yamunanagar) | Gnomon=100 cm Shadow=142cm Latitude = 30°08’ N Longitude= 77°17’ E | 6/ Shaswat Sharma/C.S.Sharma |
8 | S.V.N.Public School Jagadhri (yamunanagar) | Gnomon=100cm Shadow=140.5 Latitude = 30°08’ N Longitude= 77°17’ E | 6/ Manvendar Sharma/Jayotika Dang |
![]() |
| मानविंदर और शाश्वत की टीम |
पृथ्वी की परिधि ज्ञात करने की यह 2200 वर्ष पुरानी रोमन विधि है। इस प्रकार के प्रयोगों को कराने का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करना होता है। शुक्रवार और शनिवार को सभी विद्यार्थी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आपसी संवाद स्थापित करेंगे और प्राप्त परिणामों पर चर्चा की जाएगी। इन प्रयोगों के बाद विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। इस पूरी टीम में डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, दर्शन लाल, संजय शर्मा, मुकेश, मनोहर लाल प्रशिक्षक हैं और मानविंदर, कपिल, जोनी, मोहित, जतिन, अमित अरोड़ा, शास्वत, शिवम, पारस, विशु ग्रुप लीडर हैं।
नोट : परिणाम कुछ दिनों में आ जायेंगे पोस्ट में अधतन कर दिए जायेंगे
| अगर आपको 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ। |
|---|




6 प्रतिक्रियाएँ:
इस बेहतरीन पहल पर काबिल शिक्षकों की समर्पित टीम एवं तमाम छात्र छात्राओं को बधाई .बढ़ते चलो ऐसे ही आगे .
बच्चो को विज्ञान से सम्बंधित ऐसे प्रयोग बहुत जरूरी है !
बहुँत बहुँत बधाई सभी को
काश कोई गोली हमारे पूर्वज नेताओं को भी सुधारने के लिए दे गए होते
सराहनीय एवं प्रेरक प्रयास।
darshan ji badhai india me 2005 se chal rahe is prayog me ab yamunanagar bhi shamil ho gya iske liye aapko sadhuvad.
deepak sharma
coordinator for india
eratosexperiment
दीपक जी सब आपके ही प्रयासो का परिणाम है है
और स्कूल जोड़ने का प्रयत्न जारी है
धन्यवाद
Post a Comment