सबको चखना है मौत का मज़ा।

विज्ञान की अजीब Theories (4)
मौत के बारे में सोचते ही दिल काँप उठता है। यह भी तय है कि हर व्यक्ति को एक एक दिन मरना है। हर चीज़ का एक अन्त है। यहाँ तक कि हमारी पृथ्वी भी अपनी धुरी पर घूमते घूमते एक एक दिन समाप्त हो जायेगी। लाखों सालों से रौशनी देने वाले सूरज की रौशनी भी एक दिन खत्म हो जायेगी और वह बुझा हुआ दिया बन जायेगा। हर तारे की एक आयु है। वह नेबुला नामक जन्मस्थल पर जन्म लेता है। फिर सूर्य की तरंह जवान होता है और अन्त में समाप्त होकर या तो ब्लैक होल में बदल जाता है या फिर लाल तारे के रूप में टिमटिमाता दिया बन जाता है। (और भी संभावनाएं हो सकती हैं।)
यही बात पूरे ब्रह्माण्ड के बारे में भी कही जा सकती है। आज विज्ञान यह मालूम कर चुका है कि ब्रह्माण्ड फैल रहा है। और फैलने की यह रफ्तार लगातार बढ़ रही है। लेकिन इस फैलाव का भी एक अंत होना चाहिए। फैलते फैलते आखिर में वह किस शक्ल में होगा, कहां तक जायेगा, इस बारे में विज्ञान किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है, और तीन अलग अलग थ्योरीज पेश कर रहा है।
पहली थ्योरी बिग फ्रीज़ या हीट डेथ (Heat Death) कहलाती है। इस नज़रिये के मुताबिक यूनिवर्स फैलते हुए धीरे धीरे ठंडा होता जायेगा और साथ ही उसके विस्तार की गति भी धीमी पड़ती जायेगी। आखिर में ठंडक की सबसे निचली हालत (Absolute Zero) में पहुंच जायेगा। उस वक्त ब्रह्माण्ड को गति देने वाली पूरी ऊर्जा खत्म हो जायेगी और उसकी हर चीज़ स्थिर हो जायेगी, अपनी जगंह पर रुक जायेगी। कुछ इस तरंह जैसे किसी ठंडे देश में बर्फीले तूफान के बाद सब कुछ बर्फ में जम कर रह जाये।
दूसरी थ्योरी बिग रिप (Big Rip) कहलाती है, जिसमें ब्रह्माण्ड के फैलने की रफ्तार धीरे धीरे बढ़ती जायेगी और इस वजह से ब्रह्माण्ड के सभी पिण्ड टूटकर बिखरने लगेंगे और आखिर में एक दूसरे से अलग बिखरे हुए मूल कण यानि इलेक्ट्रान, प्रोटान इत्यादि ही बाकी रह जायेंगे। ये मूल कण फिर एक दूसरे को खत्म करने लगेंगे नतीजे में मिलेगा एक ऐसा ब्रह्माण्ड जिसमें कुछ नहीं होगा। कुछ इस तरंह जैसे हवा में बहुत से साबुन के बुलबुले बिखरे हुए हों और ये बुलबुले धीरे धीरे फूटकर खत्म हो जायें। इस ब्रह्माण्ड को सिंगुलैरिटी (Singularity) कहा गया है। यह थ्योरी सन 2003 में प्रस्तुत की गयी थी
तीसरी थ्योरी बिग क्रन्च (Big Crunch) कहलाती है। जिसके अनुसार एक समय आयेगा जब ब्रह्माण्ड का फैलना रुक जायेगा और फिर वह सिकुड़ना शुरू हो जायेगा और आखिरकार वह उसी स्टेज पर पहुंच जायेगा जहाँ वह बिग बैंग से पहले था। फिर पैदा होगा एक नया ब्रह्माण्ड एक नये बिग बैंग के द्वारा। फैलने सिकुड़ने और नये ब्रह्माण्डों के बनने की प्रक्रिया लगातार इसी तरंह चलती रहेगी। वर्तमान में जो भी तथ्य मिल रहे हैं उनसे यही मालूम हो रहा है कि ब्रह्माण्ड के फैलने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। लेकिन जो ऊर्जा इस काम को अंजाम दे रही है उसके बारे में विज्ञान अँधेरे में है। हो सकता है कभी इस ऊर्जा का मिजाज़ बदल जाये और वह ब्रह्माण्ड को सिकोड़ना शुरू कर दे।  
आज की सांइस जिस थ्योरी को सबसे ज्यादा मुमकिन मानती है, वह है बिग फ्रीज़ या हीट डेथ की थ्योरी। उसके बाद वह बिग रिप को मानती है। और सबसे कम संभावना बिग क्रन्च को देती है।
लेकिन असलियत में ब्रह्माण्ड का अंत क्या होगा, यह निर्भर करता है ब्रह्माण्ड की बनावट पर, जिसके बारे में निश्चित रूप से अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि यह बनावट निर्भर है ब्रह्माण्ड के पदार्थ ऊर्जा पर। और फिलहाल ब्रह्माण्ड का अधिकाँश पदार्थ डार्क मैटर है ऊर्जा डार्क एनर्जी है। यानि दोनों ही के बारे में हम अँधेरे में हैं।
ब्रह्माण्ड की बनावट में एक खास मापांक होता है जिसको घनत्व मापांक (density parameter) कहा जाता है। घनत्व मापांक पूरी तरंह निर्भर करता है ब्रह्माण्ड के पदार्थ ऊर्जा पर। घनत्व मापांक के आधार पर ब्रह्माण्ड को तीन प्रकार का माना जा सकता है।
यदि घनत्व मापांक का मान 1 से कम निकलता है तो ब्रह्माण्ड खुला हुआ (Open) कहलायेगा। इस दशा में ब्रह्माण्ड अन्त की जो थ्योरी लागू हो सकती है वह है बिग रिप, या फिर बिग फ्रीज़ यानि हीट डेथ। यदि घनत्व मापांक का मान 1 से ज्यादा निकलता है तो ब्रह्माण्ड बन्द (Closed) कहलायेगा। इस दशा में ब्रह्माण्ड अन्त की जो थ्योरी लागू होगी वह है बिग क्रन्च (Big Crunch)
और यदि घनत्व मापांक का मान 1 के बराबर हो जाता है तो ब्रह्माण्ड कहलायेगा समतल यानी चपटा (Flat) इस दशा में ब्रह्माण्ड अन्त की जो थ्योरी लागू हो सकती वह है बिग रिप, या फिर बिग फ्रीज़ यानि हीट डेथ।
असलियत में ब्रह्माण्ड की मौत कैसी होगी, यह रहस्य छुपा है अरबों साल आगे के भविष्य में। लेकिन उसे देखने के लिए हम जिन्दा रहेंगे, आप। इसलिए घबराने की कोई बात नहीं।


अगर आपको 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

8 प्रतिक्रियाएँ:

सलीम ख़ान said...

kullu nafsil zaiqatul maut

zeashan zaidi said...

Ji Saleem Bhai

वाणी गीत said...

ब्रह्माण्ड के रहस्यों पर रोचक जानकारी ....!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

उपयोगी जानकारी के लिए शुक्रिया!

Ankit.....................the real scholar said...

अच्छी जानकारी

अत्यंत उपयोगी श्रंखला है ये

धीरज शाह said...

मौत का खौफ किसे नही , चाहे हमारी हो या
ब्रह्माण्ड।
सुन्दर जानकारी के लिये धन्यवाद।

नन्हीं लेखिका - Rashmi Swaroop said...

oooh... kitne chhote hain hum human beings....

par kitne bade hai hum.. brahmand ka rehasya khojne nikale hain.. :)

anant se bhi aage... !!
sooo beautiful.. maza aaya...
thanx.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

जीशानभाई आपने तो डरा ही दिया। वैसे इस जानकारी के जिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया।

Post a Comment

 
अस्वीकरण: यहाँ प्रकाशित सभी लेख उनके लेखकों के व्यक्तिगत मत हैं। मात्र वैज्ञानिक सोच/चेतना प्रसार के किए इसका संचालन किया जा रहा है। सभी विवादों का न्याय क्षेत्र लखनऊ रहेगा।