साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड-2009
उक्त पुरस्कारों हेतु पूर्व प्रदत्त सूचना के अनुसार 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' में प्रकाशित 7 पोस्ट चुनी गयी थीं और इनके सम्बंध में ब्लॉगर्स से सम्मतियाँ मांगी गयी थीं। वे सात पोस्टें निम्नवत हैं-
1. एक गरम चाय की प्याली हो। प्रस्तुति-अल्पना वर्मा।
2. सूक्ष्म तरंगों का खेला-बन न जाए कोई नया झमेला। प्रस्तुति-अल्पना वर्मा।
3. दो पहियों की सवारी-साइकिय यूँ बनी हमारी। प्रस्तुति-रंजू भाटिया।
4. आखिर कैसे हुआ दूरबीन का आविष्कार। प्रस्तुति-रंजू भाटिया।
5. ब्लैकहोल की रहस्यमय दुनिया। प्रस्तुति-बालसुब्रमण्यम।
6. ज्योतिष का खेल-हेड या टेल। प्रस्तुति-अभिषेक।
7. पृथ्वी का संभावित अंत, अगले 5000 वर्षों में। प्रस्तुति-विनय।
2. सूक्ष्म तरंगों का खेला-बन न जाए कोई नया झमेला। प्रस्तुति-अल्पना वर्मा।
3. दो पहियों की सवारी-साइकिय यूँ बनी हमारी। प्रस्तुति-रंजू भाटिया।
4. आखिर कैसे हुआ दूरबीन का आविष्कार। प्रस्तुति-रंजू भाटिया।
5. ब्लैकहोल की रहस्यमय दुनिया। प्रस्तुति-बालसुब्रमण्यम।
6. ज्योतिष का खेल-हेड या टेल। प्रस्तुति-अभिषेक।
7. पृथ्वी का संभावित अंत, अगले 5000 वर्षों में। प्रस्तुति-विनय।
उक्त श्रेणी हेतु कुल 59 नामंकन प्राप्त हुए जिसमें सर्वाधिक रंजना भाटिया को 24, अल्पना वर्मा को 20, बालसुब्रमण्यम को 7, अभिषेक को 4, और विनय को 3. ज्ञात हो कि हिमांशु, अवधिया और बिजनौरी ने देर से असोसिएशन को ज्वाईन किया था, इसलिए इनकी कोई पोस्ट उक्त नामिनेशन में नहीं आ सकी थी।
इस प्रकार प्राप्त नामंकन प्रविष्टियों के आधार पर रंजना भाटिया को वर्ष 2009 के 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड' के लिए चुना जाता है। उक्त पुरस्कार के लिए एक वर्चुअल सार्टिफिकेट, एक मुद्रित सार्टिफिकेट और एक हजार रूपये नकद निर्धारित हैं। 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' उन्हें 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन अवार्ड-2009' प्रदान करते हुए हर्ष का अनुभव कर रही है।
अल्पना वर्मा जी की प्रविष्टियों में दोनों पोस्ट खुद उनका मौलिक लेखन की न होकर डा0 गुरूदयाल प्रदीप जी के प्रविष्टियाँ थी, शायद यह एक कारण था कि उनके पक्ष में नामंकन करने में हिचक सी रही, तथापि उन्हें रंजना भाटिया के लगभग बराबर नामांकन प्राप्त हुए हैं और यह उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड-2009
इस श्रेणी हेतु विज्ञान लेखन करने सभी ब्लॉगर्स के लिए नॉमिनेशन खुले थे। इस श्रेणी में कुल 19 नामांकन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 14 लोगों ने उन्मुक्त जी को नामांकित किया है, 3 लोगों ने पाबला जी को उनके ब्लॉग 'कल की दुनिया' के लिए तथा शेष 2 लोगों ने अवधिया जी को उनके ब्लॉग 'धान के देश में' के लिए नामांकित किया है।इस प्रकार प्राप्त नामंकन प्रविष्टियों के आधार पर उन्मुक्त जी को वर्ष 2009 के 'साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड' के लिए चुना जाता है। उन्मुक्त जी ने विज्ञान कथाओं की समीक्षाओं पर काफी लेखन किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने डार्विन की द्विशती पर उच्च स्तरीय आलेख ( 1, 2, 3, 4 ) लिखे हैं। उनके इस रचनात्मक अवदान के लिए 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' उन्हें 'साइंस ब्लॉगर्स ऑफ दि ईयर अवार्ड-2009' प्रदान करते हुए गर्व का अनुभव कर रही है।
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