हेडिंग पढ़कर जरूर आप सोचेंगे कि भला विज्ञान सम्बन्धित ब्लोग का भीड़ या अकेलेपन से क्या काम? कहीं ये अवधिया पगला तो नहीं गया है जो विज्ञान में जबरन शेर-ओ-शायरी को घुसेड़ रहा है? घबराइये नहीं, बस आगे पढ़िये, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आपको किसी प्रकार की निराशा नहीं होगी।
हाँ, तो भीड़ याने कि लोगों का हुजूम जैसे कि जुलूस या बारात। ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि आप कभी किसी बारात में न गये हों। तो यह भी जानते होंगे कि किसी भी बारात की अपनी गति होती है। जैसे कि किसी बारात को एक कि.मी. जाने में दो घंटे लगे तो उसकी गति आधा कि.मी. प्रति घंटे हुई। ठीक है ना? अब आप मुझे यह बताइये कि क्या उस बारात में शामिल प्रत्येक व्यक्ति आधा कि.मी. प्रति घंटे के हिसाब से चलता है?
नहीं जी, यद्यपि पूरी बारात ने एक कि.मी. का सफर तै किया है किन्तु उसमें शामिल कई लोग एक कि.मी. से अधिक चलते हैं। आप पूछेंगे कैसे? वो ऐसे कि बारात का एक व्यक्ति बम फोड़ने के लिये बारात से आगे निकल गया, बम को माचिस लगा कर दौड़ कर फिर बारात में वापस आ गया। तो बम तक जाने और फिर वापस आने में उसने अतिरिक्त सफर तै किया। है कि नहीं? और बम तक तो वह आराम से धीमी गति से गया किन्तु बम को माचिस दिखाने के बाद दौड़ कर तीव्र गति से वापस आया। तो उस व्यक्ति की गति बारात की गति से बिल्कुल अलग हुई कि नहीं? याने कि बारात की गति तो आधा कि.मी. प्रति घंटा है किन्तु उस व्यक्ति की गति, उस बारात में शामिल होने के बावजूद भी, बारात की गति से अलग है और अलग-अलग समय में भिन्न-भिन्न भी है।
पूरे बारात की जो गति है उसे ग्रुप व्हेलॉसिटी कहा जाता है और उसमें शामिल अलग-अलग व्यक्तियों की अपनी गतियों को इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी कहा जाता है।
जिस प्रकार से एक बारात व्यक्तियों की भीड़ होती है उसी प्रकार से प्रकाश भी तरंगों की एक भीड़ होती है, याने कि तरंगों की बारात जो कि किसी प्रकाश स्रोत, जैसे कि सूर्य, बिजली का बल्ब आदि, से चल कर हम तक पहुँचती है। जब हम कहते हैं कि प्रकाश की गति 29,97,92,458 मीटर या 1,86,282.397 मील प्रति सेकंड है तो वह गति प्रकाश की ग्रुप व्हेलॉसिटी होती है किन्तु उसमें समाहित अलग-अलग तरंग की गति अलग-अलग ही होती है जिसे कि अलग-अलग तरंग की इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी कहते हैं।
तो आखिर वही बात हुई ना कि "भीड़ है कयामत की फिर भी हम अकेले हैं"!
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वैज्ञानिक दृष्टीकोण तथा चेतना जगाने में संचार माध्यमों की भूमिका पर
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5 days ago


32 प्रतिक्रियाएँ:
"... यद्यपि पूरी बारात ने एक कि.मी. का सफर तै किया है किन्तु उसमें शामिल कई लोग एक कि.मी. से अधिक चलते हैं। आप पूछेंगे कैसे? वो ऐसे कि बारात का एक व्यक्ति बम फोड़ने के लिये बारात से आगे निकल गया, बम को माचिस लगा कर दौड़ कर फिर बारात में वापस आ गया। तो बम तक जाने और फिर वापस आने में उसने अतिरिक्त सफर तै किया। ..."
Fantastic observation !!
Avadhiya ji, Bahut hi rochak Jaankaari Hai. Aabhaar.
Agar aap ki tarah hi sabhi adhyapak samjhayen, to vigyan sabhi ka priy vishay ho
बहुत ही बढ़िया व रोचक जानकारीं दी है आपने । आभार
गजब की समझाने की शैली । आलेख सुन्दर है । आभार ।
कमाल तरीका है विज्ञान की बात समझाने का आपका ...इस तरह से वाकई विज्ञान पढ़ाया जाए तो यह सबका प्रिय विषय बन जाए ..शुक्रिया
Badhiya class chal rahi hai.
Rochak ..... aapke samjhaane ka tareeka lajawaab hai ....
बहुत सुन्दर लेख!
अन्त तक रोचकता से लबरेज!
बहुत रोचक जानकारी है आभार्
अवधिया जी, आपको समझाने का तरीका वाकई बहुत लाजवाब है।
बहुत ही अच्छी जानकारी को रोचक शैली में प्रस्तुत किया गया है।
पूनम
इतना सरस हो कर विज्ञान भी बताया
जाता है....... कोई आपसे सीखे ......
सुन्दर लेख ............................
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"यद्यपि पूरी बारात ने एक कि.मी. का सफर तै किया है किन्तु उसमें शामिल कई लोग एक कि.मी. से अधिक चलते हैं। आप पूछेंगे कैसे? वो ऐसे कि बारात का एक व्यक्ति बम फोड़ने के लिये बारात से आगे निकल गया, बम को माचिस लगा कर दौड़ कर फिर बारात में वापस आ गया। तो बम तक जाने और फिर वापस आने में उसने अतिरिक्त सफर तै किया। है कि नहीं? और बम तक तो वह आराम से धीमी गति से गया किन्तु बम को माचिस दिखाने के बाद दौड़ कर तीव्र गति से वापस आया। तो उस व्यक्ति की गति बारात की गति से बिल्कुल अलग हुई कि नहीं? याने कि बारात की गति तो आधा कि.मी. प्रति घंटा है किन्तु उस व्यक्ति की गति, उस बारात में शामिल होने के बावजूद भी, बारात की गति से अलग है और अलग-अलग समय में भिन्न-भिन्न भी है।
पूरे बारात की जो गति है उसे ग्रुप व्हेलॉसिटी कहा जाता है और उसमें शामिल अलग-अलग व्यक्तियों की अपनी गतियों को इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी कहा जाता है।"
"जब हम कहते हैं कि प्रकाश की गति 29,97,92,458 मीटर या 1,86,282.397 मील प्रति सेकंड है तो वह गति प्रकाश की ग्रुप व्हेलॉसिटी होती है किन्तु उसमें समाहित अलग-अलग तरंग की गति अलग-अलग ही होती है जिसे कि अलग-अलग तरंग की इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी कहते हैं।"
आदरणीय अवधिया जी,
group velocity तथा individual velocity को समझाने के लिये बारात का उदाहरण सही है इसमें किसी व्यक्ति की individual velocity बारात की गति से ज्यादा हो सकती है, पर प्रकाश के मामले में किसी भी constituent (समाहित) तरंग की individual velocity प्रकाश की गति से अधिक नहीं हो सकती है, अत: प्रकाश की गति का उदाहरण यहां पर देना सही नहीं है।
रोचक पोस्ट !!!!!
रोचक पोस्ट !!!!!
@ प्रवीण शाह
प्रवीण जी,
मैं कोई एम.एससी. का क्लास नहीं ले रहा हूँ।
मेरा उद्देश्य मात्र ग्रुप व्हेलॉसिटी और इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी को आम लोगों को समझाना मात्र था।
मैंने सिर्फ यही बताया है कि प्रकाश के तरंग सिद्धान्त के अनुसार प्रकाश में भी ग्रुप व्हेलॉसिटी और इंडिव्हिजुअल व्हेलॉसिटी होती है। लोगों ने इतना समझ लिया, मेरे लिये यही बहुत है।
बारात मे नाचने वालों की गति का आगणन तो किया ही नहीं जा सकता। एक किमी. रास्ते में कुछ नाअचने वाले दस किमी चल लेते हैं.. नानानानाना रे.. ना...रे ना... :)
बहुत रोचक तरीका रहा यह। बधाई।
BAHUT HI SUNDAR TARIKE SE VELOCITY KI DEFINITION SAMJHA DI HAI.
प्रवीण शाह ने बहुत सही कहा, वस्तुत: एसे विषय विशेषग्य को ही कहने चाहिये, आम जनता क्यों गलत उदाहरण सुने,पढे? सिर्फ़ ब्लोग की पोस्ट के लिये?
सभी टिप्पणीकार यह बतएं कि उन्हें इस ग्यान से क्या प्रेक्टिकल व व्यवहारिक लाभ हुआ या होगा । सामान्य जन के लिये इस की क्या उपयोगिता है? क्या यह प्रश्न भी अशालीन है?
Very interesting expression.The post is really good Awadhiya sahab !
वाह जी अवधिया जी..आप ऐसे भी हैं...
अच्छी समझावन है ! यह लेख भौतिकी के पंडितों के लिए नहीं है -कृपया ध्यान दें !
अच्छा तो आम आदमी को गलत-सलत समझाने के लिये हें ये ब्लोग ?इसी से वैग्यानिकता -सोच का पता चलता है, भौतिकी के पन्डितजी विशिष्ट हैं तो उन से पूरी तरह समझ कर ही पोस्ट लिखनी चाहिये न ।
इसी को तो अन्धविश्वास व अन्धविश्वास फ़ेलाना कहते हें ।
So can some rays of light can move faster than 3*10^8?
Is principle described by you challenging the principle that no particle can move faster than 3*10^8?
please answer me
Real scholers should not expect the answers in real.
Why is it so?
Kya blogs par answers nahi milte hain?
I have newly started reading blogs.
So tell me kya yahan par aise questions nahi puche jate hain?
or My question is wrong?
no, your question is not wrong but with high techenicality & the post writers are not techenical -specialists. read the comment--यह लेख भौतिकी के पन्डितों के लिये नहीं है?
इस चिट्ठे के लेखक के प्रति पूर्ण श्रद्धा तथा सम्मान के साथ मैं ये पूंछना चाहता हों की क्या तरीका उचित है ?
अगर आप किसी बात को समझाने के साथ साथ कुछ भरम भी पैदा कर रहे है तो तो क्या यह उचित है |
आप जैसे बुध्हिमान लेखक को तो यह तो पता ही होगा की आज के समय के अधिकांश कथित अंधविश्वास की महत्वपूर्ण वग्यानिक जानकारी को गलत तरीके से समझने का परिणाम है |
क्या आपको नहीं लगता की आप भविष्य के लिए कुछ नए अंधविश्वासों को जन्म दे रहे हैं ?
जब आप कोई चिटठा लिखते हैं तो आप एक गुरु होते हैं और गुरु में गुरुता तो होनी ही चाहिए और इससे भी बढ़कर दुखद यह की आपने यह भ्रम एक ऐसी जानकारी के किये निर्मित कर दिए जिससे अगर जनसामान्य वंचित भी रह जाये तो भी किसी पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता |
हो सकता है की मेरी यह tippadi मेरे किसी भरम का परिणाम हो |
करपर स्थिति स्पस्ट करें
Real scholestic आकलन व तथ्य प्रस्तुति । रीअल स्कोलर को धन्यबाद व बधाई.
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